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14 Feb 2017 · 1 min read

भैया

?????
दूर होकर भी पास,
मुलायम दुब पर
शबनमी एहसास हैं भैया ।
?????
छलके मेरी आँखों में,
यादों के झरोखों में,
बसा संसार है भैया ।
?????
सारी खुशियाँ जिसमें मिल गए,
पंखुड़ी – पंखुड़ी सहेजे गए,
सतत् व्यवहार हैं भैया ।
?????
रूठे भी तो मुकर जाते हैं,
जो टूटे तो बिखर जाते हैं,
फूलों का ऐसा पराग हैं भैया ।
?????
बेवजह रूठना,
खुद ही मान जाना,
कभी गुस्सा, तो
कभी प्यार हैं भैया ।
?????
ये बंधन नेह से भरा,
कच्चे – धागे सूत का,
राखी का त्योहार हैं भैया ।
?????
मधुर, पावन, निश्छल,
माँ के मन सा कोमल,
पिता सा दुलार हैं भैया ।
?????
—लक्ष्मी सिंह ???

Language: Hindi
503 Views
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