Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Jun 2020 · 1 min read

बहार देखते हैं

कभी पानी तो कभी आग देखते हैं
हम तेरी आंखों में एक रेगिस्तान देखते हैं…..
भटक न जाएं इस भूल भुलैया में
इसलिए बाहर से ही भीतर के तूफान देखते हैं….
तुम करती हो गिला मेरी बेरुखी का
और हम अपनी रिहाई के आसार देखते हैं….
समझाया तो हमने भी बहुत खुद को,लेकिन
अब हम भी सहरा में ही बहार देखते हैं……

Language: Hindi
11 Likes · 11 Comments · 555 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
'क्या कहता है दिल'
'क्या कहता है दिल'
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
ख्वाबो में मेरे इस तरह आया न करो
ख्वाबो में मेरे इस तरह आया न करो
Ram Krishan Rastogi
मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें नमन।
मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें नमन।
Paras Nath Jha
🥀 #गुरु_चरणों_की_धूल 🥀
🥀 #गुरु_चरणों_की_धूल 🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
गणेश चतुर्थी के शुभ पावन अवसर पर सभी को हार्दिक मंगल कामनाओं के साथ...
गणेश चतुर्थी के शुभ पावन अवसर पर सभी को हार्दिक मंगल कामनाओं के साथ...
डॉ.सीमा अग्रवाल
दो पल की जिन्दगी मिली ,
दो पल की जिन्दगी मिली ,
Nishant prakhar
Lonely is just a word which can't make you so,
Lonely is just a word which can't make you so,
Sukoon
* रंग गुलाल अबीर *
* रंग गुलाल अबीर *
surenderpal vaidya
💐अज्ञात के प्रति-112💐
💐अज्ञात के प्रति-112💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
■ जवाब दें ठेकेदार...!!
■ जवाब दें ठेकेदार...!!
*Author प्रणय प्रभात*
भीगी पलकें...
भीगी पलकें...
Naushaba Suriya
सफ़र
सफ़र
Shyam Sundar Subramanian
जो थक बैठते नहीं है राहों में
जो थक बैठते नहीं है राहों में
REVATI RAMAN PANDEY
किसी की प्रशंसा एक हद में ही करो ताकि प्रशंसा एवं 'खुजाने' म
किसी की प्रशंसा एक हद में ही करो ताकि प्रशंसा एवं 'खुजाने' म
Dr MusafiR BaithA
Little Things
Little Things
Dhriti Mishra
रक़्श करतें हैं ख़यालात मेरे जब भी कभी..
रक़्श करतें हैं ख़यालात मेरे जब भी कभी..
Mahendra Narayan
यह 🤦😥😭दुःखी संसार🌐🌏🌎🗺️
यह 🤦😥😭दुःखी संसार🌐🌏🌎🗺️
डॉ० रोहित कौशिक
"रंग भरी शाम"
Dr. Kishan tandon kranti
सागर की ओर
सागर की ओर
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
मैं तो महज आईना हूँ
मैं तो महज आईना हूँ
VINOD CHAUHAN
Khamoshi bhi apni juban rakhti h
Khamoshi bhi apni juban rakhti h
Sakshi Tripathi
ऐसा कहा जाता है कि
ऐसा कहा जाता है कि
Naseeb Jinagal Koslia नसीब जीनागल कोसलिया
याचना
याचना
Suryakant Dwivedi
अपनी स्टाईल में वो,
अपनी स्टाईल में वो,
Dr. Man Mohan Krishna
जब कभी  मिलने आओगे
जब कभी मिलने आओगे
Dr Manju Saini
औरों की खुशी के लिए ।
औरों की खुशी के लिए ।
Buddha Prakash
Sometimes goals are not houses, cars, and getting the bag! S
Sometimes goals are not houses, cars, and getting the bag! S
पूर्वार्थ
शिक्षित बनो शिक्षा से
शिक्षित बनो शिक्षा से
gurudeenverma198
मन में किसी को उतारने से पहले अच्छी तरह
मन में किसी को उतारने से पहले अच्छी तरह
ruby kumari
*दलबदलू माहौल है, दलबदलू यह दौर (कुंडलिया)*
*दलबदलू माहौल है, दलबदलू यह दौर (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
Loading...