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? माँ के साथ…माँ के बाद…

तेजवीर सिंह

तेजवीर सिंह "तेज"

मुक्तक

May 15, 2017

? दो मुक्तक ?

*माँ के साथ*

मिली माँ मुझको सजदे में कभी जब भी हुई देरी।
सदा लेकर के पहलू में छुपा दीं गलतियाँ मेरी।
मैं माँ के “तेज” से सीढ़ी चढ़ा हूँ ये बुलन्दी की।
“चरण माँ के छुए” जब भी “इबादत” हो गयी मेरी।

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*माँ के बाद*

व्याकुल होकर हम ग़ाफ़िल से घूम रहे संसार में।
ढूंढ़ रहीं हैं “माँ” को आँखें आज तलक घर द्वार में।
बरकत,प्रेम “इबादत” उसके साथ ही नाता तोड़ गयीं।
‘तेज’ जली होली रिश्तों की दुनियां के बाजार में।

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?तेज15/5/17✍

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Author
तेजवीर सिंह
नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं... Read more
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