कविता · Reading time: 1 minute

?महाराणा प्रताप जयंती?

? वीर शिरोमणि *महाराणा प्रताप जन्म दिवस* की अनंत शुभकामनाएं। ?
?? शुद्ध गीता छंद ??

?शिल्प विधान ?
प्रति चरण में 27 मात्राएँ, 14,13 मात्रा पर यति,
आदि में 21 तथा 3,10,17,24,27वीं मात्राएँ लघु,
4चरण,2-2चरण समतुकांत।
(2122 2122 2122 2121)
??????????

आन को ही मान माना,जान भी दी वार-वार।
वीर मेवाड़ी धरा पर, हो गया जी-जां निसार।।
हाथ में भाला लिए जो, रौंदता था झार-झार।
*देवता भी देख गौरव,फूल छोड़ें बार-बार।*

*त्याग की दे दीं मिसालें,वीरता की शान-बान।*
देश को है नाज सारा,विश्व भी देता सम्मान।
*हिंद भूमी माँ तुम्हारी,भाल को पूजा सदैव।*
वीरता को कोटि वंदन,पूज्य राणा का तथैव।

नाम का था *वीर चेतक* , वीरता का राजदार।
*तेज* था *भाला निराला*, वीर घोड़े पे सवार।
काट देता था सदा रिपु, *बोल जै जै शंभु नाथ*।
*हे धरा के पूत राणा* ,हिंद के हो पूज्य माथ।।

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?तेज 9/5/17✍

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