Jan 6, 2018 · कविता
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😢माँ की गोद कैसे उजड़ गयी😢

*😰माँ की गोद कैसे उजड़ गयी😰*

■ मासूमों के खून से लहू लुहान धरती माँ हो गई,,
एक माँ की गोद उजड़ कर सुनी हो गई।

■ दादा -दादी की आँखों का तारा डूबती शाम निगल गई,
भाई-बहन की जुदाई की ये कैसी शाम हो गई।

■ माँ की बच्चों संग हँसीठिठोलिया कहां गुम हो गई,,,
ख़ुदा ने अपनी ये कैसी सबको सजा दी।

■ हँसती मुस्कुराती माँ की आँखे तार तार रो रही,,
बच्चों की किलकारियां सबके कानो मे गूँज रही।

■ जिस माँ की गोद खुदा ने सुनी की,
उनको सारा दर्द सहने की हिम्मत दे ख़ुदा सोनु ने ये प्रार्थना की।

*गायत्री सोनु जैन मन्दसौर😭😭😭😭*

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Sonu Jain
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Govt, mp में सहायक अध्यापिका के पद पर है,, कविता,लेखन,पाठ, और रचनात्मक कार्यो में रुचि,,,... View full profile
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