😘●पनघट पर बलमा ने पकड़ी मारी कलाइयां●😘

*पनघट पर बलमा ने पकड़ी मारी कलाइयां*

◆ पनघट पर गौरी की बलमा ने पकड़ी कलाइयां,,
बोली गौरी छोड़ो जी बलमा कलाइयां वरना करूँगी लड़ाइयां।

◆प्रेम भरी निग़ाहों से देख गौरी करें बतिया,,
जल्दी बनाओ न सैंया जी हमको अपनी दुलनियां

◆ पनघट पर पहुँच साखियाँ करे हँसी ठिठोलियाँ।
एक दूसरी की गागर से पानी संग करे ढेरों मस्तियां।

◆ सखी की राह देख रही सखी सहेलियां,,
सांझ ढलने आयी चल बोल रही सहेलियां।

◆ खेतो खलियानों की शहर सपाट को जाती इनकी टोलिया,,
गाँव के छोरो का मन मोह जाती इनकी हँसी ठिठोलियां।

*गायत्री सोनू जैन मंदसौर*

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