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??✌✌मंजिल शनास बन??✌✌

Abhishek Parashar

Abhishek Parashar

कविता

June 25, 2017

मंजिल आसान होती है, मेहनत के पसीने से,
ज़िन्दगी जीना सीखो, सादगी के तरीके से ।।
मंजिल आसान होती है………………………
इतिहास लिख अपने नेकी भरे कारनामों से,
इसके के लिए खुद को रख दूर, आरामों से,
इसके बाद भी न मिले तुझे तेरे इरादे का सफ़र,
तो फिर ख़ुद की घिस मेहनत के नगीने से,
मंज़िल आसान होती है……………………….
मंज़िल पाने के लिए मंजिल शनास बन जा,
इतनी कर मेहनत कि अंगार बन जा,
कर आसमाँ पाताल एक अपनी मेहनत से,
देख अपने इरादों की बेहद करीने से।
मंज़िल आसान होती है……………………..
राम ने रावण को मारने के लिए चौदह वर्ष तप किया था,
कृष्ण ने अर्जुन के इरादों को, मजबूत करने के लिए गीता का वचन कहा था,
कर राम जैसा तप, और पालन कर गीता के उपदेशों का जीवन में,
मंज़िल मिल जाएगी, बेहद अच्छे नतीजे से,
मंजिल आसान होती है …………………. ##अभिषेक पाराशर(9411931822)##

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Author
Abhishek Parashar
शिक्षा-स्नातकोत्तर (इतिहास), सिस्टम मैनेजर कार्यालय-प्रवर अधीक्षक डाकघर मथुरा मण्डल, मथुरा, हनुमत सिद्ध परम पूज्य गुरुदेव की कृपा से कविता करना आ गया, इसमें कुछ भी विशेष नहीं, क्यों कि सिद्धों के संग से ऐसी सामान्य गुण विकसित हो जाते है।... Read more

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