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?करके देख?

मानक लाल*मनु*

मानक लाल*मनु*

कविता

January 29, 2017

??करके देख??

सब्र की इंतहा देखने का अगर मकसद है तेरा,,
तो कभी मेरी तरह किसी का इन्तजार करके देख।।

इश्क कहने में सरल आखरी में जदोजहद है मेरा,,
में बेकरार हूँ तू खुद को बेकरार करके देख।।

में सब निसार करु अंदाज ऐसा दिलकश है तेरा,,
मेरी तरह कसमे वादों से इक़रार करके देख।।

जमाने की बातो और रस्मो से दिल अबसद है तेरा,,
में खुद टूट चुका कांच सा तू तारतार करके देख।।

हादसे कम नहीं राहे उल्फ़त सरहद है मेरा,,
हथेली में जान रखता हूँ एतवार करके देख।।

दिल दिमाग तेरे लिए तैयार क्या रसद है तेरा,,
मनु की तरहा तू भी इजहार करके देख।।
✍मानक लाल मनु⭐
☄सरस्वती साहित्य परिषद सालीचौका रोड☝

Author
मानक लाल*मनु*
सम्प्रति••सहायक अध्यापक2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,,, जन्मतिथि 15मार्च1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,
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