Skip to content

?दिल और इश्क♥

मानक लाल*मनु*

मानक लाल*मनु*

कविता

October 12, 2017

?दिल और इश्क♥

ये आराजु तमन्नाओ का सैलाव उमड़ रहा है,,,,
मेरी ही दिल है पर तेरे लिए मुझ से ही लड़ रहा है,,,,

बंदिशें तेरी यादो की जकड़े है मुझे,,,
वस जाने अनजाने ही तेरी ओर बढ़ रहा है,,,,

दर्द है दिलो के दरमियां दूरीयो का,,,,
अब जरूरी है पास आना पड़ रहा है,,,,

जीवन की इस खीचतान हैरानी में,,,,
अब मन काजी तेरा कलमा पढ़ रहा है,

सुंदर से सपने लिये नयन में अपने,,,,
मनु शुकूनी से ख्याल ये गढ़ रहा है,,,,

??मानक लाल मनु,,,,
??सरस्वती साहित्य परिषद,,,,

Author
मानक लाल*मनु*
सम्प्रति••सहायक अध्यापक2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,,, जन्मतिथि 15मार्च1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,
Recommended Posts
तेरे इश्क़ में गुमनाम हो गया
मुक्तक ..... तेरे इश्क़ में गुमनाम हो गया मैं तो अब बदनाम हो गया तूने ही नही चाहा दिल से मैं तो अब तेरे नाम... Read more
**पास बुलाते है**
**पास बुलाते है** चलो आज खुद अपनी किस्मत आजमाते है,,,, जो दूर जा रहा है उसको पास बुलाते है,,,, दिल उसका बदल गया मेरे दिल... Read more
आवाज दिल से इश्क की सुनी
इश्क की आग को हम दिल में जलाये जाते हैं ख़ामोश लफ़्ज़ों को चुप चाप सुनाये जाते हैं तेरी याद थी दिल में मेरे बिन... Read more
बताओ तो !
दिल को कोई ठोकर लगी,,,,,,,,, बताओ तो ! ???????? इश्क था या दिल की ठगी,,,,,,,,, बताओ तो ! ???????? तेरे दिल से जो निकले जाना... Read more