23.7k Members 49.8k Posts

💓माँ💓

मुँह से निकला पहला शब्द है माँ ।
बच्चे की पहली गुरु है माँ ।।
ममता की सच्ची मूरत है माँ ।
हर बच्चे की जरूरत है माँ ।।

माँ सा प्यार मिले कहीं ना ।
ढूंढ लो चाहे सारी दुनिया ।।
माँ से बढ़कर और कोई ना ।
माँ ने ही दिखलाई ये दुनिया ।।

भगवान का दूसरा रूप है माँ ।
दुनिया में आने का ज़रिया है माँ ।
हम सबके जीवन का आधार है माँ ।
लगाती हमारे जीवन को पार है माँ ।।

माँ की कीमत उनसे पूछो ।
जिनकी बिछड़ जाती है माँ ।।
माँ बिन जीवन की बगिया सूनी ।
जीवन रूपी बगिया की माली है माँ ।।
____________________________
———————————————-
नीलम घनघस ढांडा
हरियाणा चंडीगढ़

This is a competition entry.

Competition Name: "माँ" - काव्य प्रतियोगिता

Voting for this competition is over.

Votes received: 128

Like 27 Comment 231
Views 908

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share
Neelam Ghanghas Ji
Neelam Ghanghas Ji
चंडीगढ़ हरियाणा
101 Posts · 61.7k Views