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? विवाह स्वागत गीत?

मानक लाल

मानक लाल "मनु"

कविता

March 1, 2017

? विवाह स्वागत गीत?

ये पलको की विछाबन,
चले आओ ये मनभावन,

दिल की हर खिली कलि,
तुम्हारे कदमो मे बिछा दी,
हर्षित पुलकित कर दो मन,
और महका दो ये दामन…
ये पलको…।1।

एक तेरी जरूरत है,
जमाने को बला समझू,
एक तेरी हसरत है,
दुनिया को क्या समझू,
कदम जब भी पड़ेंगे तो,
ख़ुशियों से भर जायेगा आँगन…
ये पलकों…।2।

ये पायल भी छनकेगी,
और कजरा भी दहकेगा,
ये बदन भी महकेगा,
और खनकेगा ये कंगन…
ये पलकों…।3।

आज रूत भी सुहानी है,
चाहत मे जिंदगानी है,
तेरी जुस्तजू की चाहत है,
और तेरा इश्क है सावन…
ये पलकों…।4।

मनु तेरा है होने को हरदम,
साथ दूंगा तेरा हर कदम,
आज ये समा बड़ा है पावन…
ये पलकों…।5।

✍�मानक लाल मनु✍

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Author
मानक लाल
सम्प्रति••सहायक अध्यापक 2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,संस्कृत,,, जन्मतिथि 15 मार्च 1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,
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