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??तुमसे मिलने आये है??

मानक लाल*मनु*

मानक लाल*मनु*

कविता

May 26, 2017

??तुमसे मिलने आये है??
अरमानो के दीप जलाकर तुमसे मिलने आये है,,,,
ख्यालो के पुलाव पकाकर तुमसे मिलने आये है,,,,

बेचैनी है इस दुनिया में,,
बेताबी है इन साँसों में,,
फूलों जैसे हो तुम हम भी,,
फूलो सा खिलने आये है,,,,

वक़्त बुरा अभी हमारा,,
हमे चाहिए साथ तुम्हारा,,
दुनिया दारी बहुत बुरी तो,,
तुममें ही घुलने आये है,,,,

साँसों का अहसास बताने,,
सबसे ज्यादा खास बनाने,,
इस दिल की बेताबी मिटाने,,
बेबसी तुमको बतलाने आये है,,,,

बेहद मुश्किल उतनी आसा,,
प्रेम प्यार की भोली भाषा,,
जो हमसे न अबतक समझे,,
मिलके हम तुमसे समझाने आये है,,,,

मनु अपना दामन फैलाये तुमसे मिलने आये है,,,,
रब से दुआ सदा ही मिले तुमसे मिलने आये है,,,,
मानक लाल मनु,,,,

Author
मानक लाल*मनु*
सम्प्रति••सहायक अध्यापक2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,,, जन्मतिथि 15मार्च1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,
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