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?होली के रंग हो?

मानक लाल*मनु*

मानक लाल*मनु*

कविता

March 12, 2017

आज से शुरू हो रहे रंगों के पर्व होली व् अंतिम रंगीन पर्व रँगपंचमी की शुभ कामनाओं के साथ आप सभी की नजर चन्द पंक्तिया,,,,
?होली के रंग हो?
रंगों की तरंग हो,,,
हम आप संग हो,,,

गम हो जाये जुदा।।
खुशियों की उमंग हो,,,

खत्म हो दिलो की दूरियां।।
नजदीकियां दबंग हो,,,

नशा हो नैनो का तेरे।।
भले ही न भंग हो,,,

रंगत हो जिंदगी में तेरी।।
जीवन की बेरंगी से जंग हो,,,

रंगीनियां रंगों की मुबारक।।
मनु की कि कोई न तंग हो,,,
मानक लाल मनु,,,,,
सरस्वती साहित्य परिषद,,,,

Author
मानक लाल*मनु*
सम्प्रति••सहायक अध्यापक2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,,, जन्मतिथि 15मार्च1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,
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