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🌋अयोध्या में दीवाली 🌋

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

कविता

October 8, 2017

हुआ-हुआ खुशियों का सवेरा
बीत गयी रात तम की काली
सिया राम के पड़े शुभ चरण
हुई नगरिया में खुशहाली
दीप जल उठे जगमग-जगमग
हुई अयोध्या में दीवाली।

नष्ट हुए सब दुष्ट, असुर, दानव
खुशियां मनाते सुर, नर और मानव
अब तो रात अमावस की भी
देखो लग रही है उजियाली
दीप जल उठे जगमग-जगमग
हुई अयोध्या में दीवाली।

खुश हैं दशरथ, प्रफुल्लित कौशल्या
दुल्हन सी सजी नगरी अयोध्या
बज रहे ढोल गा रहे बधाइयाँ
घर घर देखो बंट रही मिठाईयाँ
देखो नगरिया सज रही निराली
दीप जल उठे जगमग-जगमग
हुई अयोध्या में दीवाली।

—-रंजना माथुर दिनांक 08/10/2
017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

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Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
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