Jun 15, 2016 · मुक्तक
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.? उसे कैसे भुला दूँ मैं , दिया उपनाम है मुझको ?

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मधुर मुस्कान से मेरी , पराजय जीत में बदले ।

उदासी को दिखा आशा, मधुर संगीत में बदले ।

उसे कैसे भुला दूँ मैं , दिया उपनाम है मुझको ,

भुला कर गम ज़माने के, सुखों की रीत में बदले ।**************************************
वीर पटेल

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Kavi DrPatel
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मैं कवि डॉ. वीर पटेल नगर पंचायत ऊगू जनपद उन्नाव (उ.प्र.) स्वतन्त्र लेखन हिंदी कविता... View full profile
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