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??हनुमनू निक ताको मेरी ओर??

Abhishek Parashar

Abhishek Parashar

अन्य

October 25, 2017

हनुमनू निक ताको मेरी ओर,
राम चरन सुनिबे को रसिया, पुलके अंग अंग छोर,
ज्ञानिन में श्रेष्ठ हो बजरंग अचरज लीला तोर,
पवन तनय के मुख कूँ ताकें मेरी अँखिया कोर,
सदगुनन की खान हो बजरंग, जय अंजनी किशोर,
अवध लाल के प्रानन प्यारे, मेरे चित के चोर,
सद्गुन की वर्षा अब कीजे, गिरधर मेरी ओर,
‘अभिषेक’ पर सतसंग अभय करो, सचिवन के सिरमौर।

***अभिषेक पाराशर***

Author
Abhishek Parashar
शिक्षा-स्नातकोत्तर (इतिहास), सिस्टम मैनेजर कार्यालय-प्रवर अधीक्षक डाकघर मथुरा मण्डल, मथुरा, हनुमत सिद्ध परम पूज्य गुरुदेव की कृपा से कविता करना आ गया, इसमें कुछ भी विशेष नहीं, क्यों कि सिद्धों के संग से ऐसी सामान्य गुण विकसित हो जाते है।आदर्श... Read more
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