Skip to content

?सेना के जांबाजो को मेरा प्रणाम?

मानक लाल*मनु*

मानक लाल*मनु*

कविता

February 12, 2017

?सेना के जांबाजो को मेरा प्रणाम?

हर हाल उनका हमें ये सवाल करता है।।
माँ का लाल सबको खुशहाल करता है।।

हर कोई जान नहीं दे सकता अपनी ये,
सिर्फ माँ भारती का लाल करता है।।

हम एक काँटे के चुभने डरते जाते है,
वो मौत से भी जंगी सवाल करता है।।

जान देता है देश की खातिर हँसते हुये,
वक़्त पर दुश्मन को भी हलाल करता है।।

जख़्म ये हमारे उनकी वजह से मिटते है,
वो खुद जख्मी हो कमाल करता है।।

मनु मन से तुम्हे नमन करता है।।
जो जान वतन पे हवाल करता है।।

*मानक लाल मनु*

Share this:
Author
मानक लाल*मनु*
सम्प्रति••सहायक अध्यापक2003,,, शिक्षा••MA,हिंदी,राजनीति,,, जन्मतिथि 15मार्च1983 पता••9993903313 साहित्य परिसद के सदस्य के रूप में रचना पाठ,,, स्थानीय समाचार पत्रों में रचना प्रकाशित,,, सभी विधाओं में रचनाकरण, मानक लाल मनु,

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

साल का अंतिम बम्पर ऑफर- 31 दिसम्बर , 2017 से पहले अपनी पुस्तक का आर्डर बुक करें और पायें पूरे 8,000 रूपए का डिस्काउंट सिल्वर प्लान पर

जल्दी करें, यह ऑफर इस अवधि में प्राप्त हुए पहले 10 ऑर्डर्स के लिए ही है| आप अभी आर्डर बुक करके अपनी पांडुलिपि बाद में भी भेज सकते हैं|

हमारी आधुनिक तकनीक की मदद से आप अपने मोबाइल से ही आसानी से अपनी पांडुलिपि हमें भेज सकते हैं| कोई लैपटॉप या कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही नहीं|

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you