.
Skip to content

?? जल संरक्षण ??

तेजवीर सिंह

तेजवीर सिंह "तेज"

कुण्डलिया

May 22, 2017

?? जल संरक्षण ??

जल-संकट है धरा पर,लो इसको पहचान।
जल का रक्षण सभी करें,तभी बचेगी जान।
तभी बचेगी जान,विकास हेतु जल-सीढ़ी।
गर ना मानो बात , लुप्त हो जाएँ पीढ़ी।।
करना होगा “तेज”, इरादा तभी बचे थल ।
जल बिन जीवन नहीं,धरा का अमृत है जल।।

??????????
?तेजवीर ‘तेज’मथुरा

Author
तेजवीर सिंह
नाम - तेजवीर सिंह उपनाम - 'तेज' पिता - श्री सुखपाल सिंह माता - श्रीमती शारदा देवी शिक्षा - एम.ए.(द्वय) बी.एड. रूचि - पठन-पाठन एवम् लेखन निवास - 'जाट हाउस' कुसुम सरोवर पो. राधाकुण्ड जिला-मथुरा(उ.प्र.) सम्प्राप्ति - ब्रजभाषा साहित्य लेखन,पत्र-पत्रिकाओं... Read more
Recommended Posts
+++ जल +++
+++ जल +++ ये है एच० टू० ओ० सदा फुलटू पीओ रहो नीरोग । ////////////////// जल जीवन नष्ट पर्यावरण असुरक्षित । ////////////////// जल के बिन... Read more
****जल ही जीवन*****हाइकु कविता****
हाइकु कविता जल सबका जीवनदाता  | बिन जल मानुष | जीवन न पाता | ***** जल ही जीवन **** *जल ही जल रत्नगर्भा है स्वर्ग... Read more
जल दिवस
" जल दिवस " ------------------ बादलों के पीछे से ! बिखेरने आया हूँ ! मैं भास्कर....... अपनी रश्मि ! निथरे हुए जल पर !! क्यों... Read more
जल ही कल है
'जल' जीवन है 'जीवन-जल',कह दिया कहने वालों ने। जीवन को महफूज रखा है,अब तक पोखर-तालों ने। जल का दोहन बहुत किया है,समर पम्प के जालों... Read more