Oct 28, 2018 · गीत

*जीवनसाथी*

तुम जो मिले जिंदगी मिल गई !
जीने की हमको वजह मिल गई !!

तेरा प्यार हमको जब से मिला ,
जीवन हमारा बाग सा खिला ।
मचलने लगे ऐसे दिलके अरमाँ ,
बुझते दिए में जैसे लौ जल गई ।।
तुम जो मिले जिंदगी मिल गई !
जीने की हमको वजह मिल गई !!

बीते जीवन तुम संग सारा ,
सातों जन्म रहे साथ हमारा ।
इससे ज्यादा क्या मैं बोलूँ ,
तुमसे बढ़कर कोई नहीं प्यारा ।।
तुम जो मिले जिंदगी मिल गई !
जीने की हमको वजह मिल गई !!

जीवन रूपी पुष्प ये खिल गया ,
तुम-सा प्यारा साथी जो मिल गया ।
बहती रहे तेरे प्यार की गंगा ,
तेरे रूप में रब हमें मिल गया ।।
तुम जो मिले जिंदगी मिल गई !
जीने की हमको वजह मिल गई !!

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*Writer* & *Wellness Coach* ---------------------------------------------------- मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी...
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