Jan 15, 2018 · कविता

✂बाल काटने वाले का हाथ भी बहनो के मुंडन करते वक्त थर थराया✂

*बाल काटने वाले का हाथ भी बहन के मुड़न पर थर थराया😰*

पहली दफा इतिहास में ऐसा मंज़र आया,
,बाल काटने वाले का हाथ भी बहनो के मुड़न पर थर थराया।

किसी महिला बहन का केशमुड़न दिल बर्दास्त न कर पाया,,
आँसू ओ का जल सैलाब जनमानस के आँखों मे उमड़ आया।

बहनों को अपने प्रिय केश त्यागने पर सरकार ने मजबूर किया,,
उनकी जायज मांगो को धिक्कारा गया।

बहनो के केशो का सरेआम कत्ल पर हर भाई रोया,,
सरकार का हर जिम्मेदार नेता घर बैठा हर्षाया।

जिसने भी देखा ह्रदय व्याकुलित हो गया,,
मामा हमारा कैसा इतना कठोर हो गया।

दर्द में गस्त खा कुछ भाइयो को अटेक आ गया,,
कैसे मध्यप्रदेश सरकार का मुख्याजी चुप्पी सादे बैठ गया।

अबोध को ज्ञान का बोध कराने वाले का समाज मे तमाशा बन गया,,
बहनो के मुंडन से हर भाई का दिल पसीज गया।

झूठे अल्फाजो में बहन और भाइयो संबोधित करने वाला मामा,,
कैसे मौन साधना में लिप्त हो गया।

हार कर भी जीत जाने वाला बाजीगर कहलाया,,
और जीत जाने वाला जिंदगी भर है अब पछताने वाला।

*गायत्री सोनू जैन मन्दसौर🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼*

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Govt, mp में सहायक अध्यापिका के पद पर है,, कविता,लेखन,पाठ, और रचनात्मक कार्यो में रुचि,,,...
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