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◆मकरसंक्रांति का त्यौहार◆

Sonu Jain

Sonu Jain

कविता

January 11, 2018

*मकरसंक्रांति का त्यौहार*

◆ तिल में मिली गुड़ तो तिलकुटा बना,,
मकरसंक्रांति पर हर घरऔर मोहल्ले में खीचड़ा बना।

◆ मन खुशियों से भावविभोर नाच उठा,,
कटी पतंग तो बच्चों में हुड़दंगा मचा।

◆ मुफ़लिसों में तिल के लड्डू का वितरण हुआ,,
बच्चा बच्चा दिल से खुश हुआ।

◆जरूरत मन्दों में कपड़ों का वितरण हुआ।
ठिठुरती ठण्ड में तन को सहारा मिला।

◆ त्यौहार से कुछ गरीबो का भला हुआ,,
रोज ही त्यौहार होता कोई भूख से न मरता तड़पता हुआ ।

◆दान दाताओ को उमड़ता सैलाब नजर आता हुआ,,,
करते अधर्म बारहमास दिखता इस दिन धर्म करता हुआ।

*गायत्री सोनु जैन मन्दसौर🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻*

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Author
Sonu Jain
Govt, mp में सहायक अध्यापिका के पद पर है,, कविता,लेखन,पाठ, और रचनात्मक कार्यो में रुचि,,, स्थानीय स्तर पर काव्य व लेखन, साथ ही गायन में रुचि,,,
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