कविता · Reading time: 1 minute

◆भारत गुणगान करे◆

*◆भारत गुणगान करे◆*

हम भारत के मूलनिवासी भारत का गुणगान करे,,
भारत हमारी नस नस में भारत का ही ध्यान करे,,

ये भारत है लोकतंत्र गणराज्य हमारा,,
सम्प्रभुत्व,समानता का जो विधान करे,

धरा गगन तक गुंजित हो यश पावन,,
ऐसा हम सब भारत का यश गान करे,,

धर्म जाति वर्ग विषमता की बेड़ी तोड़े,,
सब एक जन समतामूलक जहान करे,,

सर्वमान्य हो एकजन नाता भारतीयता,,
वही हो जो सिर्फ देश का संविधान करे,,

भूख गरीबी लाचारी बेगारी से कोई न जीये,,
मनु ऐसा कोई सब मिल काम महान करे,,
*〽मानक लाल मनु〽*

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