Dec 17, 2017 · कविता

■दोस्त सबको वफादार मीले■

*दोस्त सबको वफ़ादार मिले*

■ इस दुनियां में कोई दोस्त नही,,,
जो अपना समझ के हम पर जाँ निशार करे।

■ जो भी मिला इस जमाने दोस्त के रूप मे,
सबके सब मतलबी धोखेबाज मिले।

■ अब किसी से कोई शिकायत नही,,
जो भी मिले सब अदाकार मिले।

■ राह कोई मुश्किल भी नही जो मंजिल तक न पहुँचा सके,,
सोनू भी इतनी ना गवार नही जो बुलन्दियों को छू न सके।

■ उसकी महफ़िल में माना की बहुत रंगत है,,
वो और उसके दोस्त लजीज खाना खाने वालों की पंगत है।

*सोनू जैन मंदसौर🙏🏻*

1 Like · 107 Views
Govt, mp में सहायक अध्यापिका के पद पर है,, कविता,लेखन,पाठ, और रचनात्मक कार्यो में रुचि,,,...
You may also like: