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■तू मुझपे एतबार करके तो देख■

Sonu Jain

Sonu Jain

कविता

December 5, 2017

*तू मुझपे एतबार करके तो देख*

■तेरे लहू से मेरे लहू को मिलाकर तो देख,
घुल जाएगी तेरे रगों में मेरे इश्क की खुशबू,
अपनी साँसों को मेरी साँसों से मिलकर तो देख।

■अपनी निग़ाहों को मेरी निग़ाहों के करीब लाकर तो देख,
सीधे तेरे दिल मे उतर जाऊंगी मुझे अपने दिल के करीब बुला कर तो देख।

■सज जाऊंगी पलको पर तेरे सपना मैं बनकर देख,
तू मुझे तेरी आँखों मे थोड़ी जगह देकर तो देख।

■राहो का हर काँटा खुदबखुद दर किनार हो जाएगा तू देख,
तू मुझे सिर्फ तेरी मंजिल बनाकर तो देख।

■इश्क की आग बुझ जाएगी मेरे मिलन से तू देख,
तू मुझे अपनी बाहों में भरकर तो देख।

■ चाँद को भी चाँदनी से प्यार हो जाएगा तू देख,
तू मेरे इश्क दरिया में डूब कर तो देख।

■ इश्क ए मोहब्बत सब रास आ जायेगी तू देख,
सोनू से एक बार अपना दिली हाल बता कर तो देख।

*सोनू जैन मंदसौर*

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Author
Sonu Jain
Govt, mp में सहायक अध्यापिका के पद पर है,, कविता,लेखन,पाठ, और रचनात्मक कार्यो में रुचि,,, स्थानीय स्तर पर काव्य व लेखन, साथ ही गायन में रुचि,,,

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