⌛वक्त दौड़ता जाता है⏳

⌛⌛वक्त दौड़ता जाता है⏳⏳
वक्त के पाँव नहीं फिर भी दौडता जाता है,,
गम ख़ुशी का माहौल संग छोड़ता जाता है,,

लवो की मुश्कान मैंने यादो में बसाई है,,
हरपल मुझको रुलाती जो मेंरी तन्हाई है,,
वक्त ही है जो कभी सबको हँसाता है ।1।

परिहास भी है हद से ज्यादा इसमें,,
परिवाद भी है कुछ ज्यादा इसमें,,
समय की बात न मानो तो रुलाता है ।2।

पल पल हाथ से रेत सी फिसलती जिंदगी,,
हर लम्हा तेरी यादों में निकलती जिंदगी,,
जीवन चक्र ही है जो सब दिखता है ।3।

शिश्किया भी समाहित होती बालाओ की,,
अठखेलिया इसमे गाँव के लालाओ की,,
छोटे बड़े सबको ये नाच नचाता है ।4।

जहाँ बेचैन है दुनिया अपने पराये में,,
हकीकत ढूंढता इंसा अपने साये में,,
मनु मन की व्यथा को वक़्त बताता है।5।
⏲⏲मानक लाल मनु⏱⏱
⌚⌚सरस्वती साहित्य परिसद⏰⏰

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