Mar 8, 2021 · कविता

‍🦰।।गर्व है मुझे मैं एक लड़की हूं।।‍🦰

गर्व है मुझे मैं एक लड़की हूं ।
इन लड़कों के मुकाबले मैं इन से कई गुना हूं।
कोमल हूं… पर कमजोर समझने की भूल ना करना ।
बस देखने से ही एक अबला नारी हूं ‌‌।
फीर भी पहचान मैं अपनी बना जाऊंगी ।
हर बंदिशों को तोड़ कर मैं
सबको दिखला जाऊंगी ।
हां गर्व है मुझे मैं एक लड़की हूं।।

कर लो तुम लड़कों लड़कियों में कितना भी भेद-भाव
फिर भी मैं लड़कों से कई कोस आगे बढ़ जाऊंगी ।
जमाने को मैं यह दिखला जाऊंगी ।
लड़कियां भी लड़कों से कुछ कम नहीं ।
हां गर्व है मुझे मैं एक लड़की हूं।।

कितनी भी डाल दो हमारे पैरों में परंपरावादी जंजीरों से
बंधे बेड़ीया ।
फिर भी हम उस जंजीरों को तोड़ जाएंगे ।
जाने कब हम उड़ जाएंगे ।
चाहे लाख बिछा लो बंदिशें
फिर भी आसमानों में अपनी जगह बना जाऊंगी ।
जमानो की कूरूतीया हमें रोक ना पाएगी,
ना तोड़ पाएगी ।
हर परिस्थितियों में हमें चट्टानों की तरह डटे पाओगे ।
हां गर्व है मुझे मैं एक लड़की हूं ।।

हमें समझ कर अबला नारी करते हो तुम अपनी मनमानी
समझते हो बस एक इस्तेमाल करने की नारी ।
जब यही अबला नारी अपने आप में आ जाए तो
दुर्गा , काली , चंडी का रूप है दिखलाती ।
नारियों के जीवन में कभी भी ना कूछ आसान हुआ ।
अंधकारो से घिरा आसमान हुआ ।
पथरीला रास्ता हुआ ।
और कांटों सी चुभती हुई समाज की बोलीया रही ।
फिर भी हमें अपनी पहचान सबको दिखलानी हैं ।
समाज में अपनी पहचान बनानी हैं ।
हां गर्व है मुझे मैं एक लड़की हूं।।

👩‍🦰🙏🙏 ।।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं आप सभी को।।🙏🙏👩‍🦰

💐जय साहित्य💐

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