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[[ ज़िन्दगी में इक सहारा जब तुम्हारा मिल गया ]]

Nitin Sharma

Nitin Sharma

मुक्तक

November 27, 2016

⚛? मुक्तक

ज़िन्दगी में इक सहारा जब तुम्हारा मिल गया
डूबती कश्ती को मेरी फिर किनारा मिल गया

हम ख़ुशी से झूमते ही नाचते गाता रहा
यूँ लगा जैसे की मुझको इक सितारा मिल गया

नितिन “रौनक़”

Author
Nitin Sharma
नितिन शर्मा , इटावा कोटा ( राजस्थान ) - ग़ज़ल /मुक्तक लेखन मोबाइल - 9784824274
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