गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

ज़िंदा हूँ मगर लाश पड़ी है सड़क किनारे

ज़िंदा हूँ मगर लाश पड़ी है सड़क किनारे
देख रहे है मंज़र सब आने जाने वाले
बिलख बिलख कर रो रहे,अपने चाहने वाले
फब्तियां कस रहे है आज सब ज़माने वाले

भूपेंद्र रावत
18।05।2020

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