ग़ज़ल- भारत के नक्शे में ये, जापान ढूँढते हैं...

भारत के नक्शे में ये, जापान ढूँढते हैं।
विज्ञानी आज वेदों, में ज्ञान ढूँढते हैं।।

माँ-बाप मत विसारो, भगवान हैं धरा पर।
क्यों लोग पत्थरों में, भगवान ढूँढते हैं।

जिनको नहीं भरोसा, इंसानियत पे यारो।
वो लोग जानवर में, इंसान ढूँढते हैं।।

हैं देह भक्षी सारे, दिखते हैं जान लेवा।
करवाते चोरी फिर ये, क्यों चोर ढूंढते हैं।।

दंगे फ़साद करवा, भारत न बाँटिएगा।
कुछ लोग स्वर्ग में भी, श्मशान ढूँढते हैं।।

लाये थे आप क्या जो, खोने से डर रहे हो।
क्यों ‘कल्प’ फायदे में नुकसान ढूँढते हैं।।

अरविंद राजपूत ‘कल्प’
221 2122 221 2122.

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