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ग़ज़ल/दाग़ ए जुदाई

हम जो तन्हाई में रो लें तो कम
दाग ए रूसवाई धो लें तो कम

उनकी चाह में खंडहर हो जाएं
मरजाने फिदाई हो लें तो कम

बाम-ए-रफ़ाक़त वो कब समझेंगे
ख़िलवत-ए-ग़म जो बो लें तो कम

ये रोज़ रोज़ चश्म ए तर इस क़दर
गर दाग़ ए जुदाई जो लें तो कम

~अजय “अग्यार

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अजय अग्यार
अजय अग्यार
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Writer & Lyricist जन्म: 04/07/1993 जन्म स्थान नजीबाबाद(उत्तर प्रदेश) शिक्षा : एम.ए अंग्रेज़ी साहित्य मोबाइल:...