ग़ज़ल- तू जबसे मुझे प्यार करने लगा है

ग़ज़ल- तू जबसे मुझे प्यार करने लगा है
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तू जबसे मुझे प्यार करने लगा है।
मेरा चेहरा भी निखरने लगा है।।

मैं जीवन की सीढ़ी ये चढ़ने लगा हूँ,
तू जबसे ज़हन में उतरने लगा है।

तेरी याद का एक बेचैन भौंरा,
मेरी नींद को भी कुतरने लगा है।

जो तन्हाइयों में ठहर सा गया था,
मिले तुम समय वो गुजरने लगा है।

शिथिल हो चुका दिल धड़कने लगा ये,
कि मुझपे यूँ जबसे तू मरने लगा है।

न हो जाना ‘आकाश’ मौसम के जैसे,
कि दिल बेवफ़ाई से डरने लगा है।

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 09/07/2019

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