.
Skip to content

ग़ज़ल (चलो हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है )

मदन मोहन सक्सेना

मदन मोहन सक्सेना

गज़ल/गीतिका

March 10, 2017

मन से मन भी मिल जाये , तन से तन भी मिल जाये
प्रियतम ने प्रिया से आज मन की बात खोली है

मौसम आज रंगों का छायी अब खुमारी है
चलों सब एक रंग में हो कि आयी आज होली है

ले के हाथ हाथों में, दिल से दिल मिला लो आज
यारों कब मिले मौका अब छोड़ों ना कि होली है

क्या जीजा हों कि साली हों ,देवर हो या भाभी हो
दिखे रंगनें में रंगानें में , सभी मशगूल होली है

ना शिकबा अब रहे कोई , ना ही दुश्मनी पनपे
गले अब मिल भी जाओं सब, आयी आज होली है

प्रियतम क्या प्रिया क्या अब सभी रंगने को आतुर हैं
चलो हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है .

होली की अग्रिम शुभकामनाएं
ग़ज़ल (चलो हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है )

मदन मोहन सक्सेना

Author
मदन मोहन सक्सेना
मदन मोहन सक्सेना पिता का नाम: श्री अम्बिका प्रसाद सक्सेना संपादन :1. भारतीय सांस्कृतिक समाज पत्रिका २. परमाणु पुष्प , प्रकाशित पुस्तक:१. शब्द सम्बाद (साझा काब्य संकलन)२. कबिता अनबरत 3. मेरी प्रचलित गज़लें 4. मेरी इक्याबन गजलें मेरा फेसबुक पेज... Read more
Recommended Posts
बरसे है रंग.................... होली आई आज
बरसे है रंग और उड़े है गुलाल होली आई, होली आई, होली आई आज सुर भी है ताल और गीतों के साथ होली आई, होली... Read more
***   होली के रंग  ***
होली के रंग खेलो प्रीतम संग लाल है गुलाल गाल है गुलाल तन है लाल लाल मन है लाल लाल खेले है हर बाल आये... Read more
** ना देख मन के भेद **
ना देख मन के भेद ना मन में कोई खेद ????? रंग मिलते हैं होली में मन मिलते हैं होली में मन खिलते हैं होली... Read more
( होली आयी रे होली )
( होली आयी रे होली ) होठो पर मुस्कान बिखेर तन मन को रंगने आयी प्रेम सौहार्द भाई चारा को जीवन को खुशहाल बनाने होली... Read more