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ग़ज़ल- जबसे तेरा ये प्यार पाया है

आकाश महेशपुरी

आकाश महेशपुरी

गज़ल/गीतिका

September 17, 2016

ग़ज़ल- जबसे तेरा ये प्यार पाया है
◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆
जबसे तेरा ये प्यार पाया है
दिल ने असली करार पाया है

जाने कैसा सूरूर है छाया
जबसे तेरा दीदार पाया है

जिन्दगी जैसे खिल गई मेरी
जबसे बाहोँ का हार पाया है

जब भी रहता वो दूर नज़रोँ से
मैनै खुद को बीमार पाया है

पहला कहते हैँ प्यार हम जिसको
बोलो कोई बिसार पाया है

जो था सपना वो आजकल देखो
मैने वो बार बार पाया है

दिल मेँ जबसे “आकाश” रहता वो
मैँने ग़म भी हजार पाया है

– आकाश महेशपुरी

Author
आकाश महेशपुरी
पूरा नाम- वकील कुशवाहा "आकाश महेशपुरी" जन्म- 20-04-1980 पेशा- शिक्षक रुचि- काव्य लेखन पता- ग्राम- महेशपुर, पोस्ट- कुबेरस्थान, जनपद- कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)
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