ग़ज़ल- ऐ सनम जबसे तू...

ग़ज़ल- ऐ सनम जबसे तू…
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ऐ सनम जबसे तू आ गयी पास है,
ये मेरी जिंदगी हो गयी खास है।

जो हमें पास लाकर जवां हो गयी,
वो मेरी प्यास है या तेरी प्यास है?

अब तुझे छोड़कर और सोचूँ किसे?
जब ये दिल ही तेरा हो गया दास है।

तुम जवां धड़कनों से ये पूछो जरा,
क्या मेरे वास्ते कोई अहसास है?

आज “आकाश” तेरे छुवन से सनम,
इश्क़ की मखमली हो गयी घास है।

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 28/12/2019

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