23.7k Members 49.8k Posts

ग़ज़ल- ऐसी दीवार है दरमियाँ आजकल

ग़ज़ल- ऐसी दीवार है दरमियाँ आजकल
■■■■■■■■■■■■■■
ऐसी दीवार है दरमियाँ आजकल
वह सुनेगा नहीं सिसकियाँ आजकल

खेलता था कभी साथ मेरे वही
खोलता भी नहीं खिड़कियाँ आजकल

जिसने मुझको सिखाया सबक प्यार का
ढूँढता हूँ वही चिट्ठियाँ आजकल

अब तो आसान है चाँद का भी सफर
बढ़ गईं हैं मगर दूरियाँ आजकल

इश्क तो आग है दिल मेरा मोम है
यूँ गिराओ नहीं बिजलियाँ आजकल

मौज़ करने का “आकाश” मन है मगर
उम्र की पड़ गईं बेड़ियाँ आजकल

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 01/03/2020

Like 5 Comment 2
Views 138

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
आकाश महेशपुरी
आकाश महेशपुरी
कुशीनगर
220 Posts · 41.2k Views
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मूल नाम- वकील कुशवाहा माता- श्री मती...