23.7k Members 49.9k Posts

ग़ज़ल- क़ाबिल तेरे नहीं हूँ मुझे ध्यान आ गया

ग़ज़ल- क़ाबिल तेरे नहीं हूं मुझे ध्यान आ गया
221 2121 1221 212
मफ़ऊल फ़ाइलात मुफ़ाईल फ़ाइलुन
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

अच्छा हुआ कि यार अभी ज्ञान आ गया
क़ाबिल तेरे नहीं हूँ मुझे ध्यान आ गया
~~~
मेरे बहुत हैं चाहने वाले जहान में
क्यूँ दिल दुखाने को कोई अनजान आ गया
~~~
वो तो बड़ा बेदर्द है, ज़ालिम है दोस्तों
मैंने जिसे माना कि है भगवान आ गया
~~~
जाकर कभी वो देख ले शमशान की तरफ
है हुश्न पे यहाँ जिसे अभिमान आ गया
~~~
मुझसे खफ़ा ‘आकाश’ भला क्यों हुआ है वो
क्या उसके जाल में नया इंसान आ गया

– आकाश महेशपुरी

154 Views
आकाश महेशपुरी
आकाश महेशपुरी
कुशीनगर
221 Posts · 41.3k Views
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मूल नाम- वकील कुशवाहा माता- श्री मती...