.
Skip to content

ग़ज़ल।मेरे एहसास की दुनिया बसाओ तो तुम्हे जाने।

रकमिश सुल्तानपुरी

रकमिश सुल्तानपुरी

गज़ल/गीतिका

June 15, 2016

ग़ज़ल।मेरे एहसास की दुनिया।

चलो रश्मे मुहब्बत को निभाओ तो तुम्हे जाने ।
मेरे एहसास की दुनिया बसाओ तो तुम्हें जाने ।।

वही ज़ुल्फ़ों की शाया है वही है झील सी आँखे ।
बेकाबू दिल की आहट को सुनाओ तो तुम्हे जाने ।।

पढ़ो तुम आज पैमाइस निग़ाहों की बेचैनी को ।
रहे न फ़ासला हरगिज़ मिटाओ तो तुम्हे जाने ।।

प्यासा हूँ सितम ढाती तेरी ख़ामोश मदहोशी ।
लगी है आग़ जो दिल में बुझाओ तो तुम्हे जाने ।।

तड़पती रूह तन्हाई सम्हाली अब नही जाती ।
ज़रा आग़ोश में आकर समाओ तो तुम्हे जाने ।।

तेरे इन शुर्ख़ होठों पर लवों की बूंद सी आकर ।
सजी जामे मुहब्बत को पिलाओ तो तुम्हे जाने ।।

दवा ऐ इश्क़ तो’रकमिश’ज़बाने में नही मिलती ।
वफ़ा ऐ इश्क़ में खुद को लुटाओ तो तुम्हे जाने ।।

राम केश मिश्र’रकमिश’

Author
रकमिश सुल्तानपुरी
रकमिश सुल्तानपुरी मैं भदैयां ,सुल्तानपुर ,उत्तर प्रदेश से हूँ । मैं ग़ज़ल लेखन के साथ साथ कविता , गीत ,नवगीत देशभक्ति गीत, फिल्मी गीत ,भोजपुरी गीत , दोहे हाइकू, पिरामिड ,कुण्डलिया,आदि पद्य की लगभग समस्त विधाएँ लिखता रहा हूं ।... Read more
Recommended Posts
ग़ज़ल :-- दुनियाँ बसाओं तो तुम्हें जानें !!
ग़ज़ल :-- दुनियाँ बसाओ तो तुम्हे जानें !! अनुज तिवारी "इन्दवार" मेरे अरमान के गुलशन सजाओ तो तुम्हे जानें ! बेशक प्यार की रस्में निभाओ... Read more
रूठा यार
रूठा मेरा यार,न जाने क्योँ? छोड़ा मेरा साथ, न जाने क्यों? रोयें जज्बात,न जाने क्यों? बिना बात की बात,न जाने क्यों? दिल तो था उदास,... Read more
दुनिया में दर्द हैं बहुत मेरा कुछ भी नहीं 'राही'
देकर के मेरे दिल को मैंने किआ यकीं दुनिया में दर्द हैं बहुत मेरा कुछ भी नहीं.... देकर .... दुनिया ... जो नज़र मेरी खुद... Read more
ग़ज़ल (  दिल की बातें)
ग़ज़ल ( दिल की बातें) जिनका प्यार पाने में हमको ज़माने लगे बह अब नजरें मिला के मुस्कराने लगे राज दिल का कभी जो छिपाते... Read more