ख़्वाबों

तुझे हकीक़त में अक्सर लोग मुझसे छीन लेते हैं,
तुम मिलने मुझसे आया करो अब सिर्फ ख़्वाबों में।

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Nisha garg Own And Famous writer's poem, Shayari, Gajal, etc email I'd gargnisha718@gmail.com
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