Sep 28, 2016 · मुक्तक
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क़तअ

दर्द दिल का बढ़ा अब दवा दीजिए,
अपने दामन की थोड़ी हवा दीजिए ,
मर्ज बढ़ता ही जाता है रफ्ता रफ्ता ,
अब दवा की ख़ूराकें बढ़ा दीजिए ।

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avadhoot rathore
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