Skip to content

हौसला

RASHMI SHUKLA

RASHMI SHUKLA

लेख

March 18, 2017

बदलते वो हैं जो अपने मन में संभलने की चाह रखते हैं,
सपनों को हक़ीक़त बनाने के लिए अपनी नींदों को तबाह करते हैं,
यू तो सारे ही पाना चाहते है अपनी अपनी मंजिल को,
मगर सफल वो होते हैं जो रस्ते पे नही मंजिल पे निगाह रखते हैं,

Share this:
Author
RASHMI SHUKLA
mera majhab ek hai insan hu mai

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

साल का अंतिम बम्पर ऑफर- 31 दिसम्बर , 2017 से पहले अपनी पुस्तक का आर्डर बुक करें और पायें पूरे 8,000 रूपए का डिस्काउंट सिल्वर प्लान पर

जल्दी करें, यह ऑफर इस अवधि में प्राप्त हुए पहले 10 ऑर्डर्स के लिए ही है| आप अभी आर्डर बुक करके अपनी पांडुलिपि बाद में भी भेज सकते हैं|

हमारी आधुनिक तकनीक की मदद से आप अपने मोबाइल से ही आसानी से अपनी पांडुलिपि हमें भेज सकते हैं| कोई लैपटॉप या कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही नहीं|

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you