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#=#=# हौसला जिन्दगी का #=#=#

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

कविता

September 4, 2017

दुख की घड़ी में तो
आंसू भी आंखों का साथ नहीं देते।
मुश्किल वक्त हो तो
अपने भी बढ़ कर हाथ नहीं देते।
जब इतना समझते हो तो
न दुख में आंसू अंखियों में लाना।
और मुश्किलों आएं भी तो
किसी के आगे न हाथ बढ़ाना।
दुख में आंसू हैं बैरी
दुख में कोई न साथी।
तकलीफों के बीहड़ को
खुद ही पार करके है दिखाना।
दिखा दो दुनिया को
कि ठोकर में है जमाना।

—-रंजना माथुर दिनांक 21/08/2017
(मेरी स्व रचित व मौलिक रचना)
copyright

Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
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