"हौसलाफजाई "(मुक्तक "

“हौसलाफजाई “
(मुक्तक)

1.
ख्वाहिशों का पुलिंदा बाँध, डगर पर तु कदम तो रख।
मुश्किलों से न घबरा तु, हौसलों में तु दम तो रख।
मंजिल आयेगी तेरे पास, तु मन में रख एेसा विश्वास।
लक्ष्य मिल जायेगा तुझको, हौले हौले कदम तु रख।

2.
मुसीबत में जीने का बहाना ढूंढ लेते हैं।
कड़कती बिजलियों में आशियाना ढूंढ लेते हैं।
सिखलो तुम जिंदगी का फलसफ़ा उन परिंदों से
जो कूड़े में पड़े दाने में जीवन ढूंढ लेते हैं।

3.
कोई आवारा कहता हैं कोई कातिल समझता हैं।
मगर मजबूरियाँ मेरी, मेरा साहिल समझता हैं।
मैं हूँ कोई आवारा या मैै हूँ कोई कातिल
ये मेरा दिल समझता हैं या मेरा साहिल समझता हैं।

रामप्रसाद लिल्हारे “मीना “

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