" हो अंत भली सरकार " !!

बिजली विजली कहाँ मिले ,
रोशन है कंदील !
भीड़ भाड़ के रेले ना हैं ,
अँखियाँ गहरी झील !
वक़्त नहीं कटता है –
निंदिया उड़ी हमार !!

यादें , वादे भूल रहे ,
बातें हुईं पुरानी !
कंचन काया कहाँ रही ,
बिसुरे आज जवानी !
हाथ कांपता , कांपे स्वर –
समय लगे बटमार !!

आखर आखर पढ़ लिए ,
मर्म कठिन है थोड़ा !
मोहपाश ने ऐसा जकड़ा ,
मन ना जाये मोड़ा !
साथ न देता है शरीर पर-
इतनी सी दरकार !

चिंतन मनन लक्ष्य हुआ ,
लगना है विराम !
पीछे छूटा अब डर है ,
पाना है विश्राम !
बना रहे गतिमान ये जीवन –
यही चहें उपकार !!

बृज व्यास

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 124

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share