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होली

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

कुण्डलिया

March 9, 2017

बंदर जैसा मुख हुआ, गर्दभ जैसी चाल
रंगो ने मिल भाँग से , ऐसा किया धमाल
ऐसा किया धमाल, सभी गम अपने भूले
हुए सभी यूँ मस्त, पेट हँस हँस कर फूले
साफ़ हुआ सब मैल, जमा जो मन के अंदर
होली के रँग खेल, लगे सब जैसे बंदर

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होली में व्यवहार को ,सतरंगी लें रंग
बोली मीठी पाग लें , इन गुझियों के संग
इन गुझियों के संग, बाँट लें हम खुशियां गम
जला होलिका आज , बुराई करले कुछ कम
मन को रखें साफ़, कपट को मारें गोली
रखकर हम सद्भाव, मनाएं आओ होली
डॉ अर्चना गुप्ता

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Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more

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