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** होली है भई होली है **

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

गीत

March 12, 2017

जबसे तूं हमसे ना बोली है
दिल में जली इक होली है
तूं माने या ना माने अब
दिल से अपनी हो ली है
*****
दिल बडा नादां है ये
अपनों से अंजान है ये
******
अरे दिल की लगी दिल्लगी
दिल्लगी बस , नही दिल्लगी
*****
मोल नहीं तोल नहीं अब
दिल का कोई रोल नहीं
***
जिंदगी रंगबिन बेरंग बनी
रंग में रंग गया जो अब
****
रंग ना अब छोडेगा संग
तूं माने ना माने ना अब
***
एक दूजे का चढ़ेगा रंग
जब होगा आपस में संग
***
दिल से अपनी हो ली है
हो ली है हो ली है
******
होली है भई होली है
बुरा ना मानो होली है ।।
***

?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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