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“होली” सायलीछन्द

बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

कविता

March 12, 2017

शिल्प- 1 2 3 2 1 शब्द

(1)
होली
का त्योहार
जीवन में लाया
रंगों की
बौछार।

(2)
होली
में जलते
अत्याचार, कपट, छल
निष्पाप भक्त
बचते।

(3)
होली
लाई रंग
हों सभी लाल
खेलें पलास
संग।

(4)
होली
देती छेद
ऊँच नीच के
मन से
भेद।

(5)
सत्रह
की होली
भाजपा की तूती
देश में
बोली।

(6)
बासुदेव
की चाहना
साहीत्यपेडिया मित्रों को
होली की
शुभकामना।

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया
12-03-2017

Author
बासुदेव अग्रवाल 'नमन'
नाम- बासुदेव अग्रवाल; शिक्षा - B. Com. जन्म दिन - 28 अगस्त, 1952; रुचि - हर विधा में कविता लिखना। मुक्त छंद, पारम्परिक छंद, हाइकु, मुक्तक इत्यादि। गीत ग़ज़ल में भी रुचि है। परिचय - वर्तमान में मैँ असम प्रदेश... Read more
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