कविता · Reading time: 1 minute

होली खुशियों की झोली

रंग में रंगोंली में
गीत में बोली में
राग में फाग में
हर गली हर गाँव में
मित्र की टोली में
हँसी में ठिठोली में
भांग की चहक में
गुझियो की महक में
सबकी झोली में
हर ओर खुशियाँ छाए।
अबकी बार होली में ।
विन्ध्य प्रकाश मिश्र

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