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होली का पर्व

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

मुक्तक

March 13, 2017

(1)??????
होली का पर्व प्रेम का संदेशा लाता,
मौजमस्ती मनोरंजन से इसका नाता,
हँसी-खुशी गीत फगुआ का सब गाता,
ईर्ष्या, द्वेष भूल समानता को अपनाता।
??????

(2)?????
होली बढाती प्रेम का दायरा,
समाजिक बंदिशों को तोड़ता।
होली रंग-बिरंगा मस्ती भरा,
वर्ण-भेद भूला सब मिलते गला।
?????

(3) ?????
होली पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत,
कीचड़, गोबर एवं कुत्सित भावनाओं से
वातावरण बिगाड़ने की छोड़ दें आदत,
कुमकुम, हल्दी, केशर व फूलों से बने
हर्बल रंगो से होली का करे स्वागत।
?????
—लक्ष्मी सिंह ??

Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more
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