Skip to content

होते हैं इश्क में अब देखो कमाल क्या क्या..

SUDESH KUMAR MEHAR

SUDESH KUMAR MEHAR

गज़ल/गीतिका

August 24, 2016

होते हैं इश्क में अब देखो कमाल क्या क्या.
मेरे ज़बाब क्या क्या उनके सवाल क्या क्या.

मुझपे उठा के ऊँगली वो चुप रहा मगर यूँ,
उसने उठा दिए हैं जाने सवाल क्या क्या.

वापस नहीं उठेंगे मेरे कदम ज़मी से
उसकी गली में आकर होंगे बवाल क्या क्या.

कोई कहे दिवाना कोई कहे बेचारा,
हमको मिलीं यहाँ पर देखो मिसाल क्या क्या.

दुखती रगों को सबकी हमने दबा दिया है,
आते हैं देखिये अब किसको उबाल क्या क्या.

उनसे जो बात कर ली महफ़िल में आज हमने,
हमसे गली गली में होंगे सवाल क्या क्या.
……………सुदेश कुमार मेहर

Share this:
Author
SUDESH KUMAR MEHAR
ग़ज़ल, गीत, नज़्म, दोहे, कविता, कहानी, लेख,गीतिका लेखन. प्रकाशन‌‌--१. भूल ज़ाना तुझे आसान तो नही २--- सुनिक्षा [ग़ज़ल संग्रह ] 3---use keh to doo'n(Ghazal Sangrah)

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

आज ही अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साथ ही आपकी पुस्तक ई-बुक फॉर्मेट में Amazon Kindle एवं Google Play Store पर भी उपलब्ध होगी

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

सीमित समय के लिए ब्रोंज एवं सिल्वर पब्लिशिंग प्लान्स पर 20% डिस्काउंट (यह ऑफर सिर्फ 31 जनवरी, 2018 तक)

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you