गीत · Reading time: 1 minute

होठों की मुस्कान नहीं खोने देना

कष्ट हृदय में हो अनंत
विस्तृत हो अपयश दिग् दिगंत
हो पीड़ा का अदृश्य,अंत
पर धैर्य रहे मन मनुज संत
इस पीड़ा को विषबेल नहीं बोने देना
होठों की मुसकान नहीं खोने देना

अप्रकट लक्ष्य हो कठिन राह
फूटें छाले फूटे कराह
हो तीक्ष्ण धूप झुलसी हो छाँह
न घटे मिलन की कभी चाह
बस अंतर्मन उत्साह नहीं सोने देना
होठों की मुस्कान नहीं खोने देना

जीवन में गति हो लय हो
विपदा आपदा से निर्भय हो
तै हो राह न संशय हो
डग मग में न डगमग हो,जय हो
सर्वोपरि विधि का विधान होने देना
होठों की मुस्कान नहीं खोने देना

हर जटिल समस्या का निदान
है समाधान,है समाधान
जीवन से कभी मत बैर ठान
गिर गिर जवान उठ बन महान
अश्रु व्यर्थ अविराम नहीं होने देना
होठों की मुस्कान नहीं खोने देना

भटका मन खोजे विकल,सत्य
है राम नाम ही सबल सत्य
जोरू,जमीन,जर निबल सत्य
बस मृत्यु मीत है अटल सत्य
सीमित है अवधि मन बोझ नहीं ढोने देना
होठों की मुस्कान नहीं खोने देना

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